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कोरिया गणराज्य के राष्ट्रपति महामहिम ली जे म्युंग के सम्मान में आयोजित भोज में भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का अभिभाषण(HINDI)

नमस्कार! अन्न्योंगहासेयो!

आज राष्ट्रपति भवन में आपका और आपके प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। आपकी यह यात्रा हमारी साझेदारी के एक नए अध्याय का आरंभ करती है।

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का महात्मा गांधी अंतर-राष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में सम्बोधन(HINDI)

आज उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को मैं बधाई और आशीर्वाद देती हूं। पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की मैं विशेष सराहना करती हूं। विद्यार्थियों को मार्गदर्शन और प्रोत्साहन देने वाले आचार्यों और अभिभावकों को मैं साधुवाद देती हूं।

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का AIIMS नागपुर के द्वितीय दीक्षांत समारोह में संबोधन(HINDI)

नागपुर की इस पवित्र भूमि पर आप सब के बीच उपस्थित होकर मुझे हार्दिक प्रसन्नता हो रही है। कल ही हम देशवासियों ने भारत के संविधान निर्माता डॉक्टर भीमराव आंबेडकर की जन्म जयंती मनाई है। आज उनकी दीक्षा भूमि नागपुर की इस धरती से मैं उनकी पुण्य स्मृति को नमन करती हूं।

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में संबोधन(HINDI)

राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में आप सबके बीच उपस्थित होकर मुझे हार्दिक प्रसन्नता हो रही है। मैं आज उपाधि प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देती हूं। दीक्षांत समारोह, शिक्षा के एक चरण के सम्‍पन्‍न होने के साथ-साथ वह महत्‍वपूर्ण अवसर भी होता है, जब शिक्षण संस्‍थान, प्रशिक्षित और समर्पित विद्यार्थियों के एक समूह को देश हित में कार्य करने के लिए समाज को सौंपते हैं।

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का डॉक्टर भीमराव आंबेडकर की जयंती के अवसर पर आयोजित सामाजिक समरसता महोत्सव में संबोधन (HINDI)

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का  डॉक्टर भीमराव आंबेडकर की जयंती के अवसर पर आयोजित सामाजिक  समरसता महोत्सव में संबोधन (HINDI)

बाबासाहब डॉक्टर भीमराव आंबेडकर की जयंती के शुभ अवसर पर मैं सभी देशवासियों की ओर से उनकी पावन स्मृति को सादर नमन करती हूं। आज मुझे उनके चित्र पर यहाँ लोक भवन में पुष्पांजलि अर्पित करने का सौभाग्य मिला। हमारे संविधान के निर्माण सहित, देश की आधुनिक प्रगति और सामाजिक न्याय के क्षेत्रों में बहुआयामी योगदान देने वाले बाबासाहब के प्रति कृतज्ञ र

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का AIIMS राजकोट के प्रथम दीक्षांत समारोह में संबोधन (HINDI)

AIIMS राजकोट के प्रथम दीक्षांत समारोह में आप सब के बीच उपस्थित होकर मुझे हार्दिक प्रसन्नता हो रही है। आज का दिन न केवल उपाधि और पदक प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों बल्कि इस संस्थान की स्थापना से जुड़े सभी लोगों के लिए गर्व का अवसर है। इस अविस्मरणीय अवसर पर उपाधि और पदक प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को मैं हार्दिक बधाई देती हूं। आप इस संस्थान से उपाधि प्राप्त करने वाले पहले बैच के विद्यार्थी हैं। इस प्रकार आप लोग AIIMS राजकोट के पहले brand-ambassadors हैं। आपके कार्य और व्यवहार इस संस्थान की प्रतिष्ठा को प्रभावित करेंगे, इस बात का आप ध्यान रखें।

देवियो और सज्जनो,

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का डॉक्टर श्री श्री शिवकुमार स्वामीजी के 119वें जन्मदिवस समारोह के अवसर पर सम्बोधन(HINDI)

श्री शिवकुमार स्वामीजी की जयंती और गुरुवंदना के शुभ अवसर पर यहां उपस्थित होकर मुझे बहुत प्रसन्नता हो रही है।

मैं मानती हूं कि श्री शिवकुमार स्वामीजी जैसे संत, हमारे समाज और राष्ट्र की आत्मा को स्वरूप प्रदान करते हैं। उनका भौतिक शरीर वर्ष 2019 में परम तत्व में विलीन हो गया परंतु उनकी अध्यात्म धारा, समाज का और देश का सदैव सिंचन-पोषण करती रहेगी। हमारी परंपरा में प्रार्थना है:

जीवेम शरद: शतम्, ... भूयश्च शरद: शतात् ।

अर्थात,

ADDRESS BY THE HON’BLE PRESIDENT OF INDIA SMT. DROUPADI MURMU AT THE CONVOCATION CEREMONY OF NALANDA UNIVERSITY, BIHAR

I am delighted to be among you all for participating in the Convocation ceremony of Nalanda University. Today’s ceremony is a reaffirmation of a civilizational promise: a promise that knowledge shall endure, that dialogue shall prevail, and that learning shall continue to serve humanity.

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