सेशेल्स गणराज्य के राष्ट्रपति महामहिम डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के सम्मान में आयोजित भोज में भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का अभिभाषण (HINDI)

आज राष्ट्रपति भवन में महामहिम राष्ट्रपति डॉ.

आज राष्ट्रपति भवन में महामहिम राष्ट्रपति डॉ.

बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति और विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन से जुड़े ‘बस्तर पंडुम’ महोत्सव में आप सबके बीच उपस्थित होकर मुझे हार्दिक प्रसन्नता हो रही है। मां दंतेश्वरी के इस पुण्य क्षेत्र में आने का अवसर मिलना मैं अपना सौभाग्य मानती हूं। मैं जब भी छत्तीसगढ़ आती हूं, मुझे लगता है कि मैं अपने घर आई हूं। यहां के लोगों से जो अपनत्व और स्नेह मुझे मिलता है, वह मेरे लिए अनमोल है। यह ऐसे कई नायकों की धरती है, जिन्होंने भारत भूमि की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। मैं ऐसे स

I am happy to be among you all at this important event related to the digital and financial transformation of Odisha. I commend the Odisha government and Global Finance and Technology Network for co- organising the Summit as part of the BharatNetra initiative.
Honourable Members,
1. It gives me immense pleasure to address both Houses of the Parliament assembled together. The previous year has been memorable for celebrating India’s rapid development and its rich heritage. This period has brought many inspirations with it. At present, India is celebrating 150 years of Vande Mataram. The people of India are paying homage to Rishi Bankim Chandra Chattopadhyay for this profound source of inspiration. I congratulate the Honourable Members that a special discussion in Parliament was organised on this auspicious occasion.
राष्ट्रपति भवन में आप सभी का स्वागत करना मेरे लिए अत्यंत प्रसन्नता की बात है। आज हमारे बीच European Council तथा European Commission के अध्यक्षों की उपस्थिति और भारत के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उनकी सहभागिता न केवल हमारी मित्रता को दर्शाती है बल्कि भारत और European Union के बीच साझेदारी की गहराई का भी प्रतीक है।

My dear fellow citizens,
Namaskar!
We, the people of India, at home and overseas, are going to celebrate Republic Day with fervour. I extend my heartfelt greetings to all of you on this National Festival.
आज राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर मैं सभी देशवासियों को बधाई देती हूं। मतदाता पहचान पत्र प्राप्त करने वाले, यहां उपस्थित युवा मतदाताओं सहित, पूरे देश के युवा मतदाताओं को मैं विशेष बधाई देती हूं। यह पहचान पत्र आपको विश्व के सबसे बड़े और जीवंत लोकतन्त्र में सक्रिय भागीदारी का अमूल्य अधिकार प्रदान करता है। मुझे विश्वास है कि देश के सभी युवा मतदाता बहुत जिम्मेदारी के साथ अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे तथा राष्ट्र के निर्माण में अपनी भागीदारी निभाएंगे।
सबसे पहले मैं आप सभी को वसंत के आगमन तथा बसंत पंचमी के पावन दिन की शुभकामनाएं व्यक्त करती हूं। आज सभी देशवासी विद्या की देवी मां सरस्वती की आराधना करते हैं। मैं मां शारदा को सादर नमन करती हूं। आज वाग्देवी सरस्वती की पूजा के पवित्र दिन, राष्ट्रपति भवन में ‘भारत की शास्त्रीय भाषाओं के ग्रंथ कुटीर’ के उद्घाटन समारोह में आप सब के बीच उपस्थित होकर मुझे हार्दिक प्रसन्नता हो रही है। यह कुटीर भारत की शास्त्रीय भाषाओं के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में राष्ट्रपति भवन की ओर से किया जा रहा सामूहिक प्रयास है। इस ग्रंथ कुटीर के निर्माण में योगदान देने वाले सभी व्यक्तियों, संस्थानों, विश्वविद्यालयों, शोध

आज पवित्र शहर अमृतसर में आप सब के बीच उपस्थित होकर मुझे हार्दिक प्रसन्नता हो रही है। स्वर्ण मंदिर, दुर्ग्याणा मंदिर और जलियांवाला बाग के इस शहर का हम सभी देशवासियों के दिलों में महत्वपूर्ण स्थान है। ऐसे सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व के शहर में स्थित विश्वविद्यालय में अध्ययन और अध्यापन का अवसर मिलना आप सबके लिए सौभाग्य की बात है।
मैं आप सबको नए वर्ष की शुभकामनाएँ देती हूँ और यह मंगलकामना करती हूँ कि वर्ष 2026 सबके जीवन में सुख और समृद्धि लेकर आए।