गोवा विश्वविद्यालय के 29वें दीक्षांत समारोह के अवसर पर भारत के राष्ट्रपति, श्री प्रणब मुखर्जी का अभिभाषण
सर्वप्रथम, मैं मानद डी.लिट. की उपाधि प्रदान करने के लिए आभार और गहरा सम्मान प्रकट करता हूं। मेरे प्रति प्रदर्शित इस सद्भावना की मैं गहरी सराहना करता हूं और इस सम्मान को विनम्रतापूर्वक स्वीकार करता हूं। मैं इस अवसर पर, उपाधिधारकों और पुरस्कार विजेताओं को,वर्षों के उनके परिश्रम व प्रयासों के लिए बधाई देता हूं।

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मुझे बंगाली भाषा के छठे पुरस्कार प्राप्तकर्ता प्रोफेसर शंखघोष को52वां ज्ञानपीठ पुरस्कार प्रदान करके अपार प्रसन्नता हुई है।
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टर्की गणराज्य के महामहिम राष्ट्रपति,
2015-17 के बैच के भारतीय वन सेवा अधिकारियों के दीक्षांत समारोह के अवसर पर, आपके बीच उपस्थित होना वास्तव में अत्यंत प्रसन्नतादायक है। दीक्षांत समारोह निःसंदेह आपके जीवन का एक ऐतिहासिक दिन है क्योंकि आप औपचारिक प्रशिक्षण प्राप्त करके राष्ट्र की सेवा के लिए अपनी मातृ संस्था के बाहर कदम रखेंगे। यह आपके अध्यापक, अभिभावकों और मित्रों के लिए भी एक ऐतिहासिक घटना है। 1951 के अखिल
मैं आपके वार्षिक सम्मेलन के अवसर पर आपसे भेंट करना मेरे लिए सौभाग्य की बात है।
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1. नेशनल फ्लोरेंस नाइटिंगेल अवार्ड, 2017 प्रदान करने के अवसर पर आपके बीच उपस्थित होना सचमुच आनंददायक है। यह प्रतिष्ठित‘लेडी विद द लैंप’के लिए, एक उपयुक्त श्रद्धांजलि है।