भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, जोधपुर के प्रथम दीक्षांत समारोह में भारत के राष्ट्रपति, श्री प्रणब मुखर्जी का अभिभाषण
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, जोधपुर में प्रथम दीक्षांत व्याख्यान देना मेरे लिए गौरव तथा सम्मान की बात है। मैं इसके अध्यक्ष, निदेशक, बोर्ड के विशिष्ट सदस्यों, शिक्षकों कर्मचारियों तथा विद्यार्थियों को इस बात के लिए बधाई देता हूं कि उन्होंने बहुत ही

मुझे भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, जोधपुर द्वारा स्थापित नवान्वेषण तथा उद्भवन केन्द्र का उद्घाटन करते हुए प्रसन्नता हो रही है। मैं इस संस्थान को, जमीनी स्तर पर प्रचुरता से मौजूद सृजनात्मक तथा नवान्वेषणात्मकता को औपचारिक
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के 85वें स्थापना दिवस पर उपस्थित होना मेरे लिए वास्तव में सौभाग्य का विषय है तथा प्रख्यात कृषि वैज्ञानिकों और नीति निर्माताओं की इस सभा को संबोधित करते हुए स्थापना दिवस व्याख्यान देने पर मैं सम्मानित
मुझे, इस शाम प्रथम रुकमिणी देवी स्मृति व्याख्यान देने के लिए चेन्नै आकर प्रसन्नता हो रही है। कला क्षेत्र एक प्रभामय भूमि है। यह श्रीमती रुकमिणी देवी की संकल्पना के कारण पवित्र हो गई है। हमारी विरासत के सभी महान विषयों के दशकों के दौरान पालन करने के का

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मुझे आज केन्द्रीय सूचना आयोग के आठवें अधिवेशन के अवसर पर आपके बीच उपस्थित होकर वास्तव में बहुत प्रसन्नता हो रही है। यह इस बात पर विचार करने का तथा आत्मचिंतन करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है कि सूचना के अधिकार ने किस प्रकार सरकार तथा इसके नागरिकों