इस्तांबुल विश्वविद्यालय द्वारा मानद उपाधि प्रदान किए जाने के अवसर पर भारत के राष्ट्रपति, श्री प्रणब मुखर्जी का स्वीकृति अभिभाषण
इस्तांबुल विश्वविद्यालय के रेक्टर प्रोफेसर डॉ. युनुस सोयलेट,
राजनीति विज्ञान संकाय के डीन प्रोफेसर डॉ. एमरा सेंगिज,
विशिष्ट अतिथिगण
देवियो और सज्जनो,

महामहिम,
मुझे आज की सुबह आप लोगों के बीच उपस्थित होकर द्वितीय भारत जल फौरम के उद्घाटन सत्र में भाग लेने पर बहुत प्रसन्नता हो रही है। सबसे पहले मैं, सही मायने में वैश्विक प्रासंगिकता वाले इस कार्यक्रम को आयोजित करने के लिए ऊर्जा तथा 
मुझे हमारे देश के प्रमुख पुलिस प्रशिक्षण संस्थान, राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में भारतीय पुलिस सेवा के परिवीक्षाधीनों की दीक्षांत परेड का अवलोकन करके अपार प्रसन्नता हो रही है।
मैं, पहली बार राष्ट्रपति भवन में आयोजित किए जा रहे राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों के निदेशकों के इस सम्मेलन में आप सभी का हार्दिक स्वागत करता हूं।
मुझे, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, दिल्ली के 44वें दीक्षांत समारोह के अवसर पर आपसे मिलकर प्रसन्नता हुई। इस मनोरम परिसर में आपके बीच उपस्थित होना मेरे लिए सौभाग्य की बात है।
