एशिया एवं प्रशांत के लिए एकीकृत ग्रामीण विकास केंद्र की शासी परिषद की उन्नीसवीं बैठक के अवसर पर भारत के राष्ट्रपति, श्री प्रणब मुखर्जी का अभिभाषण
मुझे आज एशिया एवं प्रशांत के लिए एकीकृत ग्रामीण विकास केंद्र की उन्नीसवीं बैठक के उद्घाटन के लिए आपके बीच उपस्थित होकर गर्व का अनुभव हो रहा है। मैं, अपने देश की ओर से उन सभी विशिष्ट प्रतिनि


इस्तांबुल विश्वविद्यालय के रेक्टर प्रोफेसर डॉ. युनुस सोयलेट,
महामहिम,
मुझे आज की सुबह आप लोगों के बीच उपस्थित होकर द्वितीय भारत जल फौरम के उद्घाटन सत्र में भाग लेने पर बहुत प्रसन्नता हो रही है। सबसे पहले मैं, सही मायने में वैश्विक प्रासंगिकता वाले इस कार्यक्रम को आयोजित करने के लिए ऊर्जा तथा 
मुझे हमारे देश के प्रमुख पुलिस प्रशिक्षण संस्थान, राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में भारतीय पुलिस सेवा के परिवीक्षाधीनों की दीक्षांत परेड का अवलोकन करके अपार प्रसन्नता हो रही है।