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भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का हरियाणा की स्थापना के हीरक जयंती समारोह में संबोधन

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का  हरियाणा की स्थापना के हीरक जयंती समारोह में संबोधन (HINDI)

राज्य की स्थापना की हीरक जयंती मनाने के लिए आयोजित इस समारोह में आप सबके बीच आकर मुझे अत्यंत हर्ष का अनुभव हो रहा है। भारतीय संस्कृति के विकास में हरियाणा के इस क्षेत्र का उल्लेखनीय योगदान रहा है। गीता का अमर संदेश इसी धरती से समस्त विश्व में फैला था। भारतीयता को गौरव प्रदान करने वाली इस पुण्य भूमि को मैं सादर प्रणाम करती हूँ। भारत की प्रगति-यात्रा के अनेक आयामों में सार्थक योगदान दे

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का स्वामी श्रद्धानन्द जी के बलिदान शताब्दी समारोह में संबोधन

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का  स्वामी श्रद्धानन्द जी के बलिदान शताब्दी समारोह में संबोधन (HINDI)

धर्मक्षेत्र-कुरुक्षेत्र की पावन धरती पर संस्कार और शिक्षा के इस महत्वपूर्ण केंद्र में आप सब के बीच उपस्थित होकर मुझे हार्दिक प्रसन्नता हो रही है।

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का नासिक त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ महाकुंभ 2027 के शुभारंभ समारोह में सम्बोधन

सभी देशवासियों के कल्याण हेतु, मैं प्रभु श्रीराम और प्रभु श्री त्र्यंबकराज से प्रार्थना करती हूं।

आज, सभी देशवासी, आधुनिक भारत की एकता के शिल्पकार, लौह-पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती मना रहे हैं। कृतज्ञ देशवासियों के साथ, भारतमाता के उस महान सपूत को, मैं सादर नमन करती हूं।

देवियो और सज्जनो,

इस परम पावन स्थली पर आकर, मुझे आत्मिक प्रसन्नता और संतोष का अनुभव हो रहा है।

लिकटेंस्टाइन के महामहिम वंशानुगत राजकुमार एलोइस के सम्मान में आयोजित भोज में भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का अभिभाषण

आज राष्ट्रपति भवन में महामहिम राजकुमार एलोइस, महामहिम राजकुमारी सोफी और आपके प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है।

महामहिम, आपकी राजकीय यात्रा हमारे द्विपक्षीय संबंधों के लिए एक महत्वपूर्ण समय पर हो रही है। मुझे विशेष प्रसन्नता है कि इस वर्ष यह आपकी भारत की दूसरी यात्रा है। यह भारत के प्रति आपके गहरे लगाव और सद्भावना का प्रतीक है।

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का नुआखाई महोत्सव के अवसर पर आयोजित ‘युवा प्रबोधन’ एवं ‘सेवा सम्मान पर्व’ में सम्बोधन

आज नुआखाई मिलन समारोह में आप सभी के बीच उपस्थित होकर मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। यह आयोजन केवल एक सांस्कृतिक समारोह नहीं है, बल्कि हमारी समृद्ध परंपराओं, आपसी सद्भाव और सामाजिक एकता का उत्सव है। ऐसे आयोजन हमें अपनी जड़ों से जुड़ने, सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करने और आने वाली पीढ़ियों तक भारतीय जीवन-मूल्यों को पहुँचाने का अवसर प्रदान करते हैं।

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का बस्तर दशहरा के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में संबोधन

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का  बस्तर दशहरा के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में संबोधन

मैं इस क्षेत्र की आराध्य देवी माँ दंतेश्वरी को प्रणाम करती हूँ। यह मेरा सौभाग्य है कि माँ दंतेश्वरी के मंदिर जाकर दर्शन-पूजन करने का मुझे आज अवसर प्राप्त हुआ। उनके साथ ही इस क्षेत्र के अन्य जनजातीय देवी- देवताओं को भी मैं प्रणाम करती हूँ।

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