सिंगापुर के राष्ट्रपति के सम्मान में आयोजित राजभोज के अवसर पर माननीय राष्ट्रपति का अभिभाषण
महामहिम,
डॉ. टोनी तान केंग यम,
सिंगापुर गणराज्य के राष्ट्रपति,
मादाम मैरी तान,
विशिष्ट अतिथिगण,
महामहिम आपका और मादाम मैरी तान तथा आपके शिष्टमंडल के विशिष्ट सदस्यों का आपकी भारत की पहली यात्रा पर, अत्यंत हार्दिक स्वागत करते हुए मुझे खुशी हो रही है।
महामहिम,

1. गुजरात विद्यापीठ के बासठवें दीक्षांत समारोह के लिए आज यहां उपस्थित होना मेरा सौभाग्य है। इस ऐतिहासिक संस्थान की स्थापना1920 में गांधीजी ने की थी जो आरंभ से इसके कुलाधिपति थे और अपनी अंतिम सांस तक बने रहे। गांधीजी और सरदार वल्लभ भाई पटेल के बाद,डॉ.
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सर्वप्रथम, मैं समावेशी नवान्वेषण संबंधी वैश्विक गोलमेज सम्मेलन के विशिष्ट राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों का हार्दिक स्वागत करता हूं। मैंने प्रोफेसर गुप्ता द्वारा प्रस्तुत इस मंच की परिचर्चाओं के परिणामों के सार को बड़े ध्यान से सुना है। मैं दो विशिष्ट प्रतिभागियों को भी उनके नजरिए प्रस्तुत करने के लिए धन्यवाद देता हूं। मेरे अनुसार, यह विषय ऐसे किसी भी देश के लिए प्र
1. मुझे ‘भारत और प्रथम विश्वयुद्ध’ विषय पर स्मारक प्रदर्शनी के उद्घाटन के लिए मानेक शॉ सेंटर में इस शाम आपके बीच उपस्थित होकर प्रसन्नता हो रही है। सबसे पहले, मैं प्रथम विश्वयुद्ध के दौरान अपना जीवन न्योछावर करने वाले भारतीय सैनिकों की बहादुरी के सम्मान और गौरव की स्मृति में इस प्रदर्शनी के आयोजन हेतु भारतीय सशस्त्र सेनाओं की सराहना करता हूं।