भारत की राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का PD Hinduja Hospital के राष्ट्रीय अभियान ‘Saving Lives and Building a Healthier Bharat’ के शुभारंभ के अवसर पर सम्बोधन (HINDI)
लोक भवन, मुंबई : 24.02.2026
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P. D. Hinduja Hospital के 75 वर्ष पूरे होने पर मैं आप सबको बधाई देती हूं। यहां आने से पहले मैंने इस संस्थान की एक छोटे से Clinic से Hospital and Research Centre बनने तक की प्रभावशाली यात्रा की एक प्रदर्शनी देखी। पचहत्तर वर्षों की यात्रा के दौरान देशवासियों की सेवा करने के लिए इस संस्थान से जुड़े सभी चिकित्सकों और प्रशासकों की मैं सराहना करती हूं।
हमारी परंपरा में कहा गया है:
आरोग्यं परमं भाग्यं स्वास्थ्यं सर्वार्थसाधनम्।
अर्थात निरोगी होना परम भाग्य है और स्वास्थ्य से अन्य सभी कार्य सिद्ध होते हैं।
सभी देशवासी स्वस्थ रहें और उन्हें गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवा सुलभ हो, इसके लिए भारत सरकार ने पिछले एक दशक में अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। देशभर में एक लाख अस्सी हजार से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्वास्थ्य सेवा प्रदान कर रहे हैं। विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना ‘आयुष्मान भारत योजना’ के अंतर्गत करीब बारह करोड़ परिवारों को अस्पताल में भर्ती होने पर, प्रति परिवार, प्रति वर्ष 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य कवर उपलब्ध है। मिशन इंद्रधनुष, टीबी मुक्त भारत अभियान और सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन जैसे राष्ट्रीय कार्यक्रम देशवासियों को बीमारियों से बचाने में योगदान दे रहे हैं। अच्छे doctors और para- medical professionals की उपलब्धता बढ़ाने के लिए MBBS और Post Graduate सीटों की संख्या में वृद्धि की गई है। गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवा को सुलभ कराने के लिए कई राज्यों में AIIMS और मेडिकल कॉलेज स्थापित किए गए हैं।
यह प्रसन्नता का विषय है कि सरकार के इन सभी प्रयासों के सुखद परिणाम सामने आ रहे हैं। लेकिन स्वस्थ भारत के निर्माण में सरकार के साथ-साथ अन्य सभी हितधारकों की भी भूमिका महत्वपूर्ण है। गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा जन-जन तक पहुंचे इसके लिए सब को मिलकर प्रयास करना है। आज शुरू किया गया ‘Saving Lives and Building a Healthier Bharat’ इस दिशा में एक ऐसा ही प्रयास है। मुझे बताया गया है कि अगले एक वर्ष तक चलने वाले इस अभियान के अंतर्गत preventive healthcare, youth wellbeing, medical education, digital transformation और sustainability से जुड़े अनेक कदम उठाए जाएंगे। मुझे बताया गया है कि इस अभियान का पहला आयाम है saving lives. किसी व्यक्ति का जीवन बचाना सबसे बड़ा परोपकार है। आपातकालीन चिकित्सा सुविधा की उपलब्धता जीवन बचाने के लिए महत्वपूर्ण होती है। माना जाता है कि golden hour में उचित चिकित्सा मिल जाने पर अधिकांश लोगों के जीवन को बचाया जा सकता है। तत्काल चिकित्सा सहायता के अभाव में किसी की जान न जाए, इसलिए पीएम राहत योजना के अंतर्गत दुर्घटना पीड़ितों को ₹1.5 लाख तक का कैशलेस उपचार का प्रावधान किया गया है। गंभीर दुर्घटनाओं और मेडिकल इमरजेंसी में जान बचाने के लिए एम्बुलेंस और ट्रॉमा सेंटर के साथ-साथ जागरूकता का भी बहुत महत्व है। जागरूकता हमें सही समय पर सही निर्णय लेने में सहायता करती है। मुझे यह जानकर खुशी हुई है कि P. D. Hinduja Hospital स्वास्थ्य संबंधी विभिन्न विषयों पर लोगों को जागरूक करने के लिए अनेक कदम उठा रहा है।
इस अभियान का दूसरा आयाम है - building a healthier Bharat. स्वस्थ नागरिक, सशक्त देश की आधारशिला हैं। लोगों का बीमारियों से बचाव करना और उन्हें समय पर उचित चिकित्सा सेवा प्रदान करना, देशवासियों को स्वस्थ रखने के लिए महत्वपूर्ण है। स्वास्थ्य-सेवा, राष्ट्र-निर्माण का अभिन्न अंग है। देशवासियों का स्वास्थ्य एक सामूहिक जिम्मेदारी है। गरीब- से-गरीब व्यक्ति को भी समय पर उचित चिकित्सा मिले, इसके लिए सभी भागीदारों को मिलकर काम करना है। चिकित्सा के साथ-साथ सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करना भी निजी अस्पतालों और चिकित्सा शिक्षण संस्थाओं की जिम्मेदारी है। ‘Affordable World Class Healthcare Services to All’, सभी का मिशन होना चाहिए।
देवियो और सज्जनो,
Technology और AI अन्य क्षेत्रों की तरह चिकित्सा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। चिकित्सा के हर क्षेत्र में इनका प्रयोग किया जा रहा है। आने वाले समय में इनकी भूमिका और भी बढ़ने वाली है। इसके लिए हमें तैयार रहना है। भारत सरकार ऐसा इकोसिस्टम बना रही है जो नवाचार और नई तकनीकी को व्यापक स्तर पर अपनाने के लिए अनुकूल हो। इंडियाएआई मिशन के अंतर्गत एआई-सक्षम स्वास्थ्य सेवा में नवाचार को सहायता दी जा रही है।
भारत दवाओं के उत्पादन में अग्रणी देश है। हमारे देश में बनी दवाइयां विश्वभर में लोगों के उपचार में योगदान दे रही हैं। लेकिन हम आज भी कई चिकित्सा उपकरणों और महत्वपूर्ण दवाइयों के लिए आयात पर निर्भर हैं। ये आयातित उपकरण और दवाइयां सामान्य लोगों के लिए बहुत बड़े आर्थिक बोझ होते हैं। Medicine और equipment का देश में ही निर्माण देशवासियों को किफ़ायती चिकित्सा प्रदान करने हेतु अत्यंत महत्वपूर्ण है। Make in India और PLI जैसे पहल इस दिशा में सहायक सिद्ध हो रहे हैं। यहां उपस्थित व्यवसाय और चिकित्सा जगत के सभी प्रतिनिधियों से मैं अनुरोध करूंगी वे इस क्षेत्र में research, innovation और start-ups को प्रोत्साहित करते हुए राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दें।
मैं एक और महत्वपूर्ण समस्या की ओर आप सब का ध्यान आकृष्ट करना चाहती हूं। वह है लोगों का मानसिक स्वास्थ्य। खराब मानसिक स्वास्थ्य चिंता, अवसाद और अन्य गंभीर समस्याओं का कारण बनता है। इन समस्याओं का शारीरिक स्वास्थ्य, रिश्तों और कामकाज पर प्रभाव पड़ता है। तनावपूर्ण आधुनिक जीवनशैली, एकाकी-जीवन, शहरीकरण और कोविड के बाद की चुनौतियों ने मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल की जरूरत को रेखांकित किया है। आम तौर पर देखा जाता है कि मानसिक स्वास्थ्य समस्या के प्रति उदासीन रवैया अपनाया जाता है जिससे यह समस्या और भी बढ़ जाती है। इस समस्या की रोकथाम और उपचार की दिशा में विशेष प्रयास करने की आवश्यकता है।
देवियो और सज्जनो,
वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करने के लक्ष्य के साथ हम आगे बढ़ रहे हैं। इस लक्ष्य की प्राप्ति में नागरिकों का स्वस्थ होना एक बुनियादी आवश्यकता है। देशवासी तभी स्वस्थ रहेंगे, जब उन्हें गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं समय पर उपलब्ध हों। इस संदर्भ में सरकारी और निजी चिकित्सा संस्थानों, corporates, charitable trusts और philanthropists सभी का योगदान आवश्यक है। मुझे विश्वास है कि हमारे सामूहिक प्रयासों के बल पर न केवल देशवासियों को उत्तम स्वास्थ्य- सेवाएं मिलेगी बल्कि भारत, पूरे विश्व में health-care destination के रूप में और अधिक प्रतिष्ठा प्राप्त करेगा।
धन्यवाद,
जय हिंद!
जय भारत!
