भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का ‘सशक्‍त नारी समृद्ध दिल्‍ली’ कार्यक्रम में सम्बोधन (HINDI)

नई दिल्ली : 02.03.2026

Download : Speeches भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का  ‘सशक्‍त नारी समृद्ध दिल्‍ली’ कार्यक्रम में सम्बोधन (HINDI)(119.67 KB)

आज, महिला सशक्तीकरण से जुड़े इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में आप सब के बीच उपस्थित होकर मुझे हार्दिक प्रसन्नता हो रही है। इस समारोह का विषय “सशक्त नारी, समृद्ध दिल्ली”, अत्यंत प्रासंगिक है। मुझे खुशी है कि इस अवसर पर ‘मेरी पूँजी मेरा अधिकार’, ‘सहेली पिंक स्‍मार्ट कार्ड’ और ‘दिल्‍ली लखपति बिटिया’ जैसे नारी सशक्तीकरण से जुड़े कार्यक्रमों की शुरुआत हो रही है। मुझे विश्वास है कि ये सभी कल्याणकारी योजनाएं, दिल्ली की बहनों-बेटियों को सशक्त बनाते हुए समृद्ध दिल्ली के निर्माण के लक्ष्य में अपना महत्वपूर्ण योगदान देंगी। मैं जनहित की इन पहलों की शुरुआत करने के लिए मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता और उनकी पूरी टीम की सराहना करती हूं।

देवियो और सज्जनो,

महिलाएं समाज का अहम हिस्सा हैं। उनका सम्मान और सशक्तीकरण सभ्य समाज की निशानी है। हम नारी की शक्ति, ज्ञान और समृद्धि की प्रतीक दुर्गा, सरस्वती और लक्ष्मी के रूप में पूजा करते हैं। भारत का इतिहास महिलाओं की साहस, वीरता, त्याग और बलिदान की अनगिनत गाथाओं से भरा हुआ है। लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर के कुशल प्रशासन, न्याय-परायणता एवं कल्याणकारी कार्यों का आज भी गुणगान किया जाता है। रानी लक्ष्मीबाई का साहस, मातृभूमि के लिए उनका बलिदान, आज भी हम सभी देशवासियों के हृदय में प्रेरणा का दीप जलाता है। सावित्रीबाई फुले ने महिला शिक्षा की ज्योति जलायी थी। रानी गाइदिन्ल्यू और सरोजिनी नायडू जैसी महिला स्वाधीनता सेनानियों ने भारत माता का गौरव बढ़ाया है।

आज महिलाएं हर क्षेत्र में कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ रही हैं। सैनिक के रूप में वे देश की सीमाओं की रक्षा कर रही हैं। वैज्ञानिक के रूप में प्रयोगशालाओं में शोध कर रही हैं। खेल प्रतिस्पर्धाओं में अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भारत का तिरंगा लहरा रही हैं। राजनीति, समाजसेवा, प्रशासन तथा व्यापार जगत – सभी क्षेत्रों में महिलाएं नई ऊँचाइयाँ छू रही हैं। देश भर के दीक्षांत समारोहों में उपाधि और पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में बेटियों की बढ़ती संख्या मेरे सामने प्रेरणादायक दृश्य प्रस्तुत करती है।

लेकिन यह भी एक सच्चाई है कि महिलाएं आज भी हिंसा, आर्थिक असमानता, सामाजिक रूढ़ियों और स्वास्थ्य संबंधी उपेक्षाओं का सामना कर रही हैं। इन बाधाओं को दूर करके ही महिला सशक्तीकरण के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। वास्तव में महिला तब सशक्त होगी जब उसमें स्वतंत्र रूप से निर्णय लेने की क्षमता हो, वह आत्मसम्मान के साथ जीवन जी सके और उसे समान अवसर तथा सुरक्षा उपलब्ध हों। सशक्त महिला न केवल अपना जीवन, बल्कि समाज और आने वाली पीढ़ियों की दिशा भी बदल सकती है।

‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना’ के माध्यम से बालिकाओं की शिक्षा और सुरक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है। ‘प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना’, करोड़ों महिलाओं को धुएं से मुक्ति दिलाते हुए उनके स्वास्थ्य की रक्षा कर रही है।

‘प्रधान मंत्री मुद्रा योजना’ के द्वारा महिलाओं को स्वरोजगार के लिए ऋण सुविधा दी जा रही है। ‘लखपति दीदी योजना’ जैसी पहलों से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया जा रहा है। ‘प्रधान मंत्री मातृ वंदना योजना’ जैसी पहल महिलाओं के स्वास्थ्य में अहम भूमिका निभा रही हैं। महिलाओं का घरेलू हिंसा से संरक्षण, समान वेतन का अधिकार और संपत्ति में अधिकार के लिए भी अनेक सुधार किए गए हैं। यह बहुत ही प्रसन्नता का विषय है कि भारत सरकार ने महिला सशक्तीकरण से आगे बढ़कर women-led development की दिशा में अनेक कदम उठाए हैं। महिलाओं के राजनीतिक सशक्तीकरण के लिए पंचायती राज संस्थाओं और स्थानीय निकायों में उनके लिए सीटें आरक्षित की गयी हैं। ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के अंतर्गत संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण का प्रावधान किया गया है जो भविष्य में महिला नेतृत्व द्वारा विकास का आदर्श प्रस्तुत करेगा।

इन सभी प्रयासों से महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक स्थिति बेहतर हो रही है। लेकिन हमें यह स्मरण रखना चाहिए कि महिला सशक्तीकरण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है। यह समाज के प्रत्येक सदस्य और संस्था की जिम्मेदारी है। महिलाओं को शिक्षित बनाना, उनका आत्मविश्वास बढ़ाना और उनको प्रोत्साहन एवं सहयोग देना, हम सब का कर्तव्य है। हमें अपनी बेटियों को यह विश्वास दिलाना है कि वे सपने देखने और उन्हें पूरा करने की क्षमता रखती हैं तथा हम उनके सपनों को साकार करने में उनके साथ खड़े हैं।

देवियो और सज्जनो,

जब एक बेटी शिक्षित होती है, तो पूरा परिवार शिक्षित होता है। जब एक बेटी सक्षम बनती है, तो पूरा समाज मजबूत होता है। हमने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा है। ऐसा विकसित राष्ट्र जहां सभी नागरिकों को समान अवसर, समान अधिकार और समान सम्मान मिले। देश की आधी जनसंख्या को सशक्त बना कर ही इस लक्ष्य की प्राप्ति संभव है। मैं प्राय: कहती हूं कि स्त्री और पुरुष जीवनरूपी रथ के दो पहिये हैं अगर एक पहिया ठीक से नहीं काम करेगा तो रथ आगे नहीं बढ़ेगा। जीवन-रथ और वृहद अर्थ में देश के विकास के रथ को सुचारु रूप से आगे बढ़ाने के लिए महिलाओं का सशक्तीकरण अत्यंत महत्वपूर्ण है।

दिल्ली, देश की राजधानी है। यहां देश के हर राज्य और क्षेत्र के लोग रहते हैं। यदि दिल्ली की महिलाएं सुरक्षित, शिक्षित, और आत्मनिर्भर होंगी, समाज के हर क्षेत्र में आत्मविश्वास के साथ नेतृत्व प्रदान करेंगी तब पूरे देश में सकारात्मक संदेश जाएगा। इसलिए दिल्ली को पूरे देश के सामने Women-Led Development का उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए। मैं दिल्ली की महिलाओं से अनुरोध करूंगी कि वे पूरे आत्मविश्वास, लगन और मेहनत से अपने जीवन में आगे बढ़ें और समृद्ध दिल्ली के निर्माण में अपना योगदान दें।

दिल्ली की बेटियां समृद्ध दिल्ली और विकसित भारत के सपने को साकार करने में अपना पूरा योगदान दे सकें, इसके लिए जरूरी है कि सरकार और समाज उन्हें आगे बढ़ने के लिए बेहतर वातावरण प्रदान करे। उन्हें एक ऐसा वातावरण मिले जिसमें वे बिना किसी दबाव या भय के अपने जीवन के बारे में स्वतंत्र निर्णय ले सकें। एक ऐसे आदर्श समाज का निर्माण करना आवश्यक है जहां कोई भी बेटी या बहन किसी भी समय, कहीं भी अकेले जाने में और कहीं भी रहने में नहीं डरे। ऐसे परिवेश में जो आत्मविश्वास उत्पन्न होगा वह दिल्ली को और भारत को नई ऊंचाइयों पर ले जायेगा।

सभी दिल्लीवासियों को संकल्प लेना चाहिए कि वे महिला सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगे, बेटियों को समान अवसर प्रदान करेंगे और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे। ऐसा करके हम दिल्ली की नारी को ‘सशक्त नारी’ के रूप में पहचान दिला सकेंगे। यही सशक्त नारी, समृद्ध दिल्ली की आधारशिला है।

मुझे विश्वास है कि दिल्‍ली सरकार द्वारा आज शुरू की गई सभी योजनाएँ दिल्ली की महिलाओं में आत्मविश्वास उत्पन्न करेंगी और उन्हें जीवन में नई ऊँचाइयाँ हासिल करने के लिए प्रेरित करेंगी। मेरी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।

धन्यवाद,
जय हिंद!
जय भारत!

Subscribe to Newsletter

Subscription Type
Select the newsletter(s) to which you want to subscribe.
The subscriber's email address.