भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम चैरिटेबल अस्पताल में नन्द किशोर सोमानी ऑन्कोलॉजी ब्लॉक के उद्घाटन के अवसर पर सम्बोधन(HINDI)
वृन्दावन : 20.03.2026
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आज पवित्र वृन्दावन धाम में रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम चैरिटेबल अस्पताल के Oncology block का उद्घाटन करके मुझे संतोष हो रहा है। वृंदावन की पावन धरा केवल एक भू-भाग नहीं, बल्कि दिव्यता और भक्ति का जीवंत अनुभव है, जहाँ प्रत्येक कण में भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं की गूंज सुनाई देती है। यह वही पवित्र भूमि है जिसने सदियों से संतों और भक्तों को आध्यात्मिक चेतना प्रदान की है। यह पवित्र भूमि निःस्वार्थ प्रेम, करुणा और भक्ति के शाश्वत संदेश को देश-विदेश में प्रसारित करती रही है। जन-कल्याण के लिए समर्पित एक उत्कृष्ट चिकित्सा केन्द्र को इस पावन भूमि पर विकसित करना अत्यंत पुण्य का कार्य है और प्रेरणादायक भी है।
रामकृष्ण मिशन आध्यात्मिक चेतना और मानवीय सेवा के संगम का सशक्त प्रतीक है। रामकृष्ण परमहंस की गहन भक्ति ने एक ऐसी प्रबल धारा को प्रवाहित किया जिसे उनके अनन्य शिष्य स्वामी विवेकानंद ने मानवता के हित में एक संस्था का रूप भी दिया। रामकृष्ण मिशन ने भी यही संदेश दिया कि प्रेम, सेवा और करुणा ही ईश्वर तक पहुँचने का सर्वोत्तम मार्ग है। रामकृष्ण परमहंस के आदर्शों का अनुसरण करते हुए इस संगठन के संन्यासी “नर सेवा ही नारायण सेवा है” के संदेश को अपने कर्म और आचरण से साकार कर रहे हैं। पिछले 118 वर्षों से रामकृष्ण मिशन लोगों की निष्ठापूर्वक सेवा कर रहा है। अनेक जनहित के कार्यों के माध्यम से रामकृष्ण मिशन ने यह सिद्ध किया है कि सच्ची निःस्वार्थ सेवा और करुणा ही आध्यात्मिकता की वास्तविक अभिव्यक्ति है।
देवियो और सज्जनो,
यह महत्वपूर्ण बात है कि रामकृष्ण मिशन के इस Super Speciality hospital में अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के साथ-साथ कुशल और मानव सेवा के लिए प्रतिबद्ध चिकित्सकों की टीम भी है। Oncology block का उद्घाटन आपकी इस सेवा-यात्रा में एक विशेष पड़ाव है। मुझे बताया गया है कि इस Oncology block में कैंसर उपचार की अत्याधुनिक तकनीकों को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया गया है। मुझे विश्वास है कि यहां आधुनिक तकनीकों के माध्यम से रोगियों को सही, सुरक्षित और प्रभावी उपचार मिलेगा।
कैंसर आज सबसे गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों में से एक है। समय पर रोग की पहचान और उच्च स्तरीय उपचार तक पहुँच, रोगी के जीवन को बचाने में निर्णायक सिद्ध हो सकती है। लेकिन अनेक परिवारों के लिए इस रोग का उपचार आर्थिक परिस्थितियों के कारण कठिन या असंभव प्रतीत होता है। ऐसे समय में जन-सेवा की भावना से कार्य करने वाले संस्थान, समाज-कल्याण में सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं। जागरूकता अभियान और समय पर जांच की सुविधाओं से कैंसर की रोकथाम और शीघ्र उपचार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। एक सशक्त और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण तभी संभव होगा जब देश के नागरिक स्वस्थ होंगे। यह प्रसन्नता का विषय है कि रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम जैसे संस्थान ऐसे राष्ट्रीय प्रयासों को सशक्त बना रहे हैं।
यह संतोष का विषय है कि रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम चैरिटेबल अस्पताल, धन के अभाव के कारण किसी भी रोगी को उपचार से वंचित नहीं किया जाए, के प्रेरणादायक सिद्धांत पर कार्य करता है। यह विचार सच्चे अर्थों में करुणामय चिकित्सा सेवा की भावना को व्यक्त करता है। यह हमें स्मरण कराता है कि चिकित्सा, मानव पीड़ा को दूर करने का महान नैतिक दायित्व है। मैं इस प्रकल्प से जुड़े सभी लोगों की सराहना करती हूं। मैं आशा करती हूं कि आपका यह योगदान आने वाले वर्षों में लोगों के जीवन को बेहतर मनाने में सहायक सिद्ध होगा।
देवियो और सज्जनो,
आज भारत अपने स्वास्थ्य ढाँचे को सुदृढ़ बनाने और प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा पहुँचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। केंद्र सरकार देश के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत बनाने के लिए निरंतर और ठोस कदम उठा रही है। आयुष्मान भारत जैसी ऐतिहासिक योजना के माध्यम से करोड़ों नागरिकों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत कैंसर के इलाज को भी कवर किया गया है, जिससे गरीब और जरूरतमंद मरीजों को लाभ मिल रहा है। देशभर में नए AIIMS, मेडिकल कॉलेज और स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण और दूर-दराज़ के क्षेत्रों के लोगों के पहुँच स्वास्थ्य सेवाओं तक सुलभ हो रही है। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत स्वास्थ्य सेवाओं को तकनीक से जोड़ा जा रहा है, जिससे पारदर्शिता और दक्षता बढ़ी है। Telemedicine और e-health services के माध्यम से अब लोग घर पर ही expert doctors से परामर्श ले सकते हैं।
सेवा-भाव से संचालित चिकित्सा संस्थानों की समाज में विशेष भूमिका होती है। वे केवल रोग का उपचार ही नहीं करते, बल्कि रोगियों और उनके परिवारों के जीवन में आशा, विश्वास और सम्मान का संचार भी करते हैं। रामकृष्ण मिशन ने यह दिखाया है कि आधुनिक विज्ञान और मानवीय करुणा का संगम मानवता के कल्याण के लिए अद्भुत कार्य कर सकता है। मैं इस महत्वपूर्ण योगदान के लिए इस संस्था को बधाई देती हूँ।
आज हम केवल एक भवन का उद्घाटन नहीं कर रहे हैं, बल्कि उन सभी रोगियों के लिए आशा के एक नए द्वार खोल रहे हैं, जो यहाँ उच्च चिकित्सा की अपेक्षा लेकर आएंगे। मैं सभी हितधारकों को इस उत्कृष्ट कार्य के लिए हार्दिक बधाई देती हूँ। मेरी प्रार्थना है कि यहाँ आने वाले प्रत्येक रोगी के जीवन में स्वास्थ्य और आशा का संचार हो। मैं आप सबको उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ देती हूँ।
धन्यवाद,
जय हिन्द।
जय भारत।
