भारत की राष्ट्रपति ने कोरिया गणराज्य के राष्ट्रपति की मेजबानी की

भारत के कौशल, गति और व्यापक-क्षमता तथा कोरिया की उच्च-प्रौद्योगिकी विनिर्माण में विशेषज्ञता को मिलाकर हम अपने युवाओं के लिए अनेक अवसर सृजित कर सकते हैं: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु

राष्ट्रपति भवन : 20.04.2026

भारत की राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज 20 अप्रैल, 2026 को राष्ट्रपति भवन में कोरिया गणराज्य के राष्ट्रपति महामहिम ली जे म्युंग का स्वागत किया। उन्होंने उनके सम्मान में राज-भोज का भी आयोजन किया।

भारत की अपनी पहली यात्रा पर राष्ट्रपति म्युंग का स्वागत करते हुए राष्ट्रपति ने भारत-कोरिया द्विपक्षीय संबंधों को सुदृढ़ करने में, विशेष रूप से कोरिया-भारत संसदीय मैत्री समूह के अध्यक्ष के रूप में, उनके महत्वपूर्ण योगदान की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के उनके कार्यकाल के पहले वर्ष में ही हुई यह यात्रा दर्शाती है कि वे हमारे संबंधों को बहुत महत्व देते हैं।

राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और कोरिया दोनों ही जीवंत लोकतंत्र हैं और उनके समान मूल्य हैं। उन्होंने भारतीय संसद में हाल ही में स्थापित किए गए भारत-कोरिया संसदीय मैत्री समूह के संबंध में प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इससे भारतीय संसद और कोरियाई नेशनल असेंबली के बीच संवाद और आदान-प्रदान बढ़ेगा तथा आपसी समझ और विश्वास और मजबूत होगा।

राष्ट्रपति ने यह जानकर प्रसन्नता व्यक्त की कि दोनों पक्षों ने पोत-निर्माण, बंदरगाह विकास, डिजिटल सहयोग, लघु एवं मध्यम उद्यम, इस्पात, शिक्षा, अनुसंधान, संस्कृति और जन-संपर्क सहित कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग के लिए एक महत्वाकांक्षी एजेंडा निर्धारित किया है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि दोनों पक्षों ने व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) पर बातचीत फिर से आरंभ करने के लिए एक संयुक्त घोषणा-पत्र को अपनाया है। उन्होंने कहा कि भारत पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार संबंधों में विस्तार करने और कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, स्वच्छ ऊर्जा, सेवाओं और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में कोरिया के साथ सहयोग को मजबूत करने की आशा रखता है।

राष्ट्रपति ने कहा कि भारत के पास कौशल, गति और व्यापक-क्षमता है, जबकि कोरिया के पास उच्च-प्रौद्योगिकी विनिर्माण में विशेषज्ञता है। अपनी शक्तियों को मिलाकर हम अपने युवाओं के लिए अनेक अवसर सृजित कर सकते हैं।

राष्ट्रपति ने कहा कि मानवता के लिए संधारणीय भविष्य सुरक्षित करने के लिए भारत और कोरिया को हरित और स्वच्छ ऊर्जा के साथ-साथ अन्य जलवायु प्रौद्योगिकियों में सहयोग के अवसर खोजने चाहिए।

दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि भारत और कोरिया के बीच घनिष्ठ सहयोग से दोनों देशों के लोगों को अपार लाभ मिल सकता है और दोनों देश एक-दूसरे से बहुत कुछ सीख सकते हैं। हमारे लोग मिलकर पर्यावरण, नवाचार, शिक्षा, कौशल विकास और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम करें तो उन्हें बहुत लाभ हो सकता है।

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